उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tu wafa kar ke bhul ja mujhko

तू वफ़ा कर के भूल जा मुझ को

تو وفا کر کے بھول جا مجھ کو

शायर: Aalok Shrivastav5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू वफ़ा कर के भूल जा मुझ को
अब ज़रा यूँ भी आज़मा मुझ को

ये ज़माना बुरा नहीं है मगर
अपनी नज़रों से देखना मुझ को

बे-सदा काग़ज़ों में आग लगा
आज की रात गुनगुना मुझ को

तुझ को किस किस में ढूँढता आख़िर
तू भी किस किस से माँगता मुझ को

अब किसी और का पुजारी है
जिस ने माना था देवता मुझ को