उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tu agar chaarasaz ho jae

तू अगर चारासाज़ हो जाए

تو اگر چارہ ساز ہو جائے

शायर: Bal Krishn5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू अगर चारासाज़ हो जाए
दर्द भी दिल-नवाज़ हो जाए

ख़ुद-नुमाई का गर न हो सौदा
हर हसीं एक राज़ हो जाए

कुछ गुनाहों में है कशिश वर्ना
आदमी पाक-बाज़ हो जाए

हुस्न हो जाए बे-सर-ओ-सामाँ
'इश्क़ अगर बे-नियाज़ हो जाए

हम बहर-तौर ख़ुश हैं जीने से
‘उम्र-ए-ग़म ही दराज़ हो जाए