उर्दू शायरी · ग़ज़ल

teri talash mein hai saeban bhi hum bhi

तिरी तलाश में है साएबान भी हम भी

تری تلاش میں ہے سائبان بھی ہم بھی

शायर: Nabeel Ahmad Nabeel8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तिरी तलाश में है साएबान भी हम भी
हमारे साथ हमारी थकान भी हम भी

फ़लक को छूने की ख़्वाहिश हज़ार दिल में लिए
कि सरगिराँ है हमारी उड़ान भी हम भी

है इंतिज़ार में बरसों से रहनुमाओं के
हमारी मंज़िल-ए-जाँ का निशान भी हम भी

वही है नोक-ए-सिनान-ए-सितम-गरान-ए-जहाँ
वही है कर्ब-ओ-बला इम्तिहान भी हम भी

इसी का नाम लिए जाएँगे क़यामत तक
हमारे साथ रहेगी अज़ान भी हम भी

तलाश-ए-मंज़िल-ए-हस्ती में इक ज़माना हुआ
भटकते फिरते हैं सब कारवान भी हम भी

इसी पुरानी कहानी पे हम जिए जाएँ
वही हवाले वही दास्तान भी हम भी

'नबील' रोज़-ए-अज़ल से थे जैसे वैसे हैं
सितमगरों के सितम हैं लगान भी हम भी