उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tera nishana hun main tir ban ke mujh mein aa

तिरा निशाना हूँ मैं तीर बन के मुझ में आ

ترا نشانہ ہوں میں تیر بن کے مجھ میں آ

शायर: Danish Asari8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तिरा निशाना हूँ मैं तीर बन के मुझ में आ
मैं इक फ़्रेम हूँ तस्वीर बन के मुझ में आ

बहुत दिनों से ख़ुशी की तलाश में हूँ मैं
तू कोई हादिसा दिल-गीर बन के मुझ में आ

मैं कोशिशें तो अगर चाहूँ कर ही सकता हूँ
मिरी तमन्ना है तक़दीर बन के मुझ में आ

मिरा दरून भी फेंका हुआ है यूसुफ़ सा
किसी तरफ़ से कोई 'ईर बन के मुझ में आ

गुज़िश्ता अह्द में रूमान लिख चुका हूँ बहुत
तू रक़्स छोड़ दे ज़ंजीर बन के मुझ में आ

मैं इश्क़-खेल की शक्लें बदलने वाला हूँ
शिकारी अब के तू नख़चीर बन के मुझ में आ

जवान कर इसी पंजाब की रिवायत को
चनाब चढ़ता है तो हीर बन के मुझ में आ

सक़ील लफ़्ज़ों में लिखता हूँ मैं ग़ज़ल अक्सर
मैं 'सौदा' बनता हूँ तू 'मीर' बन के मुझ में आ