उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sharmile hain dulhe raja ye malum na wo malum

शर्मीले हैं दूल्हे राजा ये मालूम न वो मालूम

شرمیلے ہیں دولہے راجا یہ معلوم نہ وہ معلوم

शायर: Pagal Adilabadi9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

शर्मीले हैं दूल्हे राजा ये मालूम न वो मालूम
करते हैं दूल्हन से पर्दा ये मालूम न वो मालूम

दूल्हा ख़ुद भी लूट रहा है मिस्री बादाम और खजूर
ससुरे को भी मारे धक्का ये मालूम न वो मालूम

साइंस के पेपर में लौंडा इंग्लिश के नक़लाँ ले आया
पढ़ कर आया औंधा चित्ता ये मालूम न वो मालूम

कलकत्ते को जाना था तो गाड़ी पकड़ा बम्बई की
पूछ रहा है चाँद का रस्ता ये मालूम न वो मालूम

जब भी देखो नहाना धोना उन का रहता है चालू
संडे मंडे जुमा हफ़्ता ये मालूम न वो मालूम

फ़िल्मी दुनिया के बारे में सब कुछ मालूम है लेकिन
कौन थे अपने नाना दादा ये मालूम न वो मालूम

सुनता है कामनटरी हीरो रेडियो रख कर कानों पर
बॉलिंग बैटिंग चौव्वा छक्का ये मालूम न वो मालूम

गंजों की जान मुश्किल में है वुज़ू करें तो कैसे करें
सर का बॉर्डर मुँह का हिस्सा ये मालूम न वो मालूम

सिगरेट मुँह में उल्टी रख कर फिल्टर को सुलगाता है
'पागल' तू है पूरा पगला ये मालूम न वो मालूम