उर्दू शायरी · ग़ज़ल

idhar fifTy fifTy udhar fifTy fifTy

इधर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी उधर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

ادھر ففٹی ففٹی ادھر ففٹی ففٹی

शायर: Pagal Adilabadi9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इधर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी उधर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी
है दोनों को दर्द-ए-जिगर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

जो चेक पोस्ट पर माल पकड़ा गया था
नज़र आ रहा है मगर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

है माल-ए-ग़नीमत कफ़न का ये टुकड़ा
चलो बाँट लें फाड़ कर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

इधर उन को मतली इधर उन को खुजली
है मौसम का उन पर असर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

है सर-बंद बोतल तो लेबल भी असली
मिलावट है घी में मगर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

है सर-बंद बोतल तो लेबल भी असली
मिलावट है घी में मगर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

कमेटी में ख़ाज़िन का ओहदा नहीं है
जो है मो'तमद और सद्र फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

बदन पर है डाँबर तो होंटों पे लाली
ब्लैक और टेकनी कलर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी

कभी शेर है तो कभी हैं वो गीदड़
है जोरू का उस को भी डर फ़िफ़्टी फ़िफ़्टी