उर्दू शायरी · ग़ज़ल

raat taswir numudar hui aankhon mein

रात तस्वीर नुमूदार हुई आँखों में

رات تصویر نمودار ہوئی آنکھوں میں

शायर: Osama Zakir3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

रात तस्वीर नुमूदार हुई आँखों में
सुब्ह के सामने दीवार हुई आँखों में

मतला-ए-दिल पे फिर इक चाँद पिघल जाएगा
आज इक तेज़ चमक ख़ार हुई आँखों में

आ तुझे लाल करूँ ज़र्द-रुख़ी बिंत-ए-ख़िज़ाँ
सुर्ख़ सैलाब की यलग़ार हुई आँखों में