शायर संग्रह
Zafar Anwar की ग़ज़लें
ज़फ़र अनवर के नाम से उपलब्ध 3 पाठ: 3 ग़ज़ल।
इस रचनाकार-संग्रह को कैसे पढ़ें
इस सूची में आयात के श्रेय से ज़फ़र अनवर के पाठ जोड़े गए हैं। रिकॉर्डों में उपलब्ध नाम-रूप: Zafar Anwar · ज़फ़र अनवर · ظفر انور। यह जीवनी या रचनाकार की आधिकारिक पूर्ण ग्रंथ-सूची नहीं है।
शीर्षक खोलकर रचना की उपलब्ध लिपि, विन्यास और स्रोत-जाँच की स्थिति देखें। उपलब्ध पाठ और उसकी लिपियाँ अलग-अलग हो सकती हैं। गलत श्रेय या गायब पाठ के लिए संदर्भ सहित सुधार भेजें।
010203
جیب و گریباں ٹکڑے ٹکڑے دامن کو بھی تار کیا
jaib o gareban TukDe TukDe daman ko bhi tar kiya
ग़ज़ल · Zafar Anwar
سر میں سودا بھی وہی کوچۂ قاتل بھی وہی
sar mein sauda bhi wahi kucha-e-qatil bhi wahi
ग़ज़ल · Zafar Anwar
زہر غم دل میں سمونے بھی نہیں دیتا ہے
zahr-e-gham dil mein samone bhi nahin deta hai
ग़ज़ल · Zafar Anwar