शायर संग्रह
S A Mehdi की ग़ज़लें
एस ए मेहदी के नाम से उपलब्ध 4 पाठ: 4 ग़ज़ल।
इस रचनाकार-संग्रह को कैसे पढ़ें
इस सूची में आयात के श्रेय से एस ए मेहदी के पाठ जोड़े गए हैं। रिकॉर्डों में उपलब्ध नाम-रूप: S A Mehdi · एस ए मेहदी · ایس اے مہدی। यह जीवनी या रचनाकार की आधिकारिक पूर्ण ग्रंथ-सूची नहीं है।
शीर्षक खोलकर रचना की उपलब्ध लिपि, विन्यास और स्रोत-जाँच की स्थिति देखें। उपलब्ध पाठ और उसकी लिपियाँ अलग-अलग हो सकती हैं। गलत श्रेय या गायब पाठ के लिए संदर्भ सहित सुधार भेजें।
01020304
بنتے ہی شہر کا یہ دیکھیے ویراں ہونا
bante hi shahr ka ye dekhiye viran hona
ग़ज़ल · S A Mehdi
کیف سرور و سوز کے قابل نہیں رہا
kaif-e-surur-o-soz ke qabil nahin raha
ग़ज़ल · S A Mehdi
کیسے کروں میں ضبط راز تو ہی مجھے بتا کہ یوں
kaise karun main zabt-e-raaz tu hi mujhe bata ki yun
ग़ज़ल · S A Mehdi
مستقل اب بجھا بجھا سا ہے
mustaqil ab bujha bujha sa hai
ग़ज़ल · S A Mehdi