उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahna bhi kuchh zamane ne aisa libas hai

पहना भी कुछ ज़माने ने ऐसा लिबास है

پہنا بھی کچھ زمانے نے ایسا لباس ہے

शायर: Dawood Khan Raaz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहना भी कुछ ज़माने ने ऐसा लिबास है
माहौल पे ज़माने के ग़ैरत उदास है

वो भूल जाएँ हम को तो है उन का ज़र्फ़ ये
हम को तो अब भी उन की मोहब्बत का पास है

चेहरे से अपने ज़ुल्फ़ हटा दीजिए ज़रा
बेताब दिल है दीद की आँखों को प्यास है

अब तो तुम्हारे ग़म के सहारे है ज़िंदगी
हम को ख़ुशी ज़माने की आई न रास है

दिल तोड़ने से पहले ज़रा ये भी सोचिए
हर लम्हा मौत ज़िंदगी के आस पास है

समझेगा 'राज़' कौन यहाँ तेरे दर्द को
किस की निगाह इतनी क़याफ़ा-शनास है