उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle ahbab taghaful ki safai denge

पहले अहबाब तग़ाफ़ुल की सफ़ाई देंगे

پہلے احباب تغافل کی صفائی دیں گے

शायर: B S Jain Jauhar4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले अहबाब तग़ाफ़ुल की सफ़ाई देंगे
फिर मिरे हक़ में अदालत में गवाही देंगे

एक इंसान भी ढूँडे से न मिल पाएगा
आदमी आदमी हर सम्त दिखाई देंगे

माँ के जाए हुए पाले हुए कितने बेटे
माँ के हाथों में ही ला ला के कमाई देंगे

एक माँ है जो हमेशा ही दुआएँ देगी
उस के बेटे जो अगर घर से विदाई देंगे