उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pani ki tahrir paDhunga kaise main

पानी की तहरीर पढूँगा कैसे मैं

پانی کی تحریر پڑھوں گا کیسے میں

शायर: Tab Aslam6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पानी की तहरीर पढूँगा कैसे मैं
तेज़ हवा के साथ चलूँगा कैसे मैं

तितली को जब आग में फेंका जाएगा
उस मंज़र को देख सकूँगा कैसे मैं

सदियों से ज़िंदान-ए-बर्क़-ओ-बाद में हूँ
क़ुफ़्ल-ए-शाम-ओ-सहर तोडूँगा कैसे मैं

लफ़्ज़ कि जिन में मेरा ख़ून भी शामिल है
काग़ज़ पर वो लफ़्ज़ लिखूँगा कैसे मैं

मेरे सारे 'अक्स हैं जिस आईने मैं
रेज़ा रेज़ा उसे देखूँगा कैसे मैं

'ताब' अगर पत्थर हैं चश्म-ओ-गोश मिरे
सन्नाटे की चीख़ सुनूँगा कैसे मैं