उर्दू शायरी · ग़ज़ल

na jaane kyon mera ye dil udas hai

न जाने क्यों मिरा ये दिल उदास है

نہ جانے کیوں مرا یہ دل اداس ہے

शायर: Hafiz Hamza Salmani4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

न जाने क्यों मिरा ये दिल उदास है
कहीं वो शख़्स मेरे आस-पास है

तिरी जुदाई में कटे न रात दिन
जहाँ में कौन मेरा ग़म-शनास है

तिरे ‘एज़ार का दिवाना हो गया
कि तेरे 'इश्क़ की सनम ये प्यास है

बिछड़ गया जिसे कि बरसों चाहा था
कि लौट आए रब से इल्तिमास है