उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri koshish ka samar hai muKHtalif

मेरी कोशिश का समर है मुख़्तलिफ़

میری کوشش کا ثمر ہے مختلف

शायर: Aarif Zaman7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरी कोशिश का समर है मुख़्तलिफ़
प्यार का उस पर असर है मुख़्तलिफ़

सारी दुनिया में नहीं उस की मिसाल
सब से वो रश्क-ए-क़मर है मुख़्तलिफ़

दिल मिरा तस्कीन पाता है यहाँ
मेरे घर से तेरा घर है मुख़्तलिफ़

उस को भाती हैं ख़ताएँ भी मिरी
माँ का अंदाज़-ए-नज़र है मुख़्तलिफ़

मुझ से अक्सर मुत्तफ़िक़ होता तो है
क्या हुआ मुझ से अगर है मुख़्तलिफ़

हो गई दुश्वार राह-ए-ज़िंदगी
मुझ से मेरा हम-सफ़र है मुख़्तलिफ़

मुतमइन है रंज-ओ-ग़म में भी ज़माँ
दर-हक़ीक़त वो बशर है मुख़्तलिफ़