उर्दू शायरी · ग़ज़ल

maut se wo na zindagi se mile

मौत से वो न ज़िंदगी से मिले

موت سے وہ نہ زندگی سے ملے

शायर: Zaheer Ahmad Zaheer6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मौत से वो न ज़िंदगी से मिले
रोज़-ओ-शब की जो बे-ख़ुदी से मिले

हम ने जाना फ़रेब खाने पर
क्या सिले हम को ज़िंदगी से मिले

बे-दिली से मिले हमें अहबाब
हम रक़ीबों से भी ख़ुशी से मिले

उन के क़दमों पे झुक गई दुनिया
जो मोहब्बत से आजिज़ी से मिले

लाश पर आज आए रोने को
उम्र भर सारे बे-रुख़ी से मिले

दिल में हसरत है मौत की ऐ 'ज़हीर'
यूँ तो मिलने को हम सभी से मिले