उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main yun jahan ke KHwab se tanha guzar gaya

मैं यूँ जहाँ के ख़्वाब से तन्हा गुज़र गया

میں یوں جہاں کے خواب سے تنہا گزر گیا

शायर: Faheem Shanas Kazmi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं यूँ जहाँ के ख़्वाब से तन्हा गुज़र गया
जैसे कि एक दश्त से दरिया गुज़र गया

यूँ जगमगा उठा है तिरी याद से वजूद
जैसे लहू से कोई सितारा गुज़र गया

गुज़रा मिरे क़रीब से वो इस अदा के साथ
रस्ते को छू के जिस तरह रस्ता गुज़र गया

मंज़र में घुल गए हैं धनक के तमाम रंग
बे-रंग आइने से वो लम्हा गुज़र गया