उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main sab kuchh chhoD dena chahta hun

मैं सब कुछ छोड़ देना चाहता हूँ

میں سب کچھ چھوڑ دینا چاہتا ہوں

शायर: M. Usman Shakir5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं सब कुछ छोड़ देना चाहता हूँ
दिलों को जोड़ देना चाहता हूँ

मैं अपनी चाहतें तुम पर लुटा कर
ग़मों को मोड़ देना चाहता हूँ

ये कैसे आज तुम ने कह दिया है
तअ'ल्लुक़ तोड़ देना चाहता हूँ

लिए फिरते हैं जो हाथों में बच्चे
वो कासे फोड़ देना चाहता हूँ

मैं 'शाकिर' बे-रिदा बहनों के सर पे
रिदाएँ ओढ़ देना चाहता हूँ