उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya yahi us ka mudawa na hua

क्या यही उस का मुदावा न हुआ

کیا یہی اس کا مداوا نہ ہوا

शायर: Ehsas Muradabadi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या यही उस का मुदावा न हुआ
एक बीमार जो अच्छा न हुआ

चार तिनके ही सही जल तो गए
क्या मिरे दम से उजाला न हुआ

उन की क़ुर्बत ही सही हासिल-ए-ज़ीस्त
ये तो अंदाज़-ए-तमन्ना न हुआ

है तमन्ना-ए-तुलू-ए-ख़ुर्शीद
और अगर फिर भी सवेरा न हुआ

पुर्सिश-ए-ग़म तो हुई थी लेकिन
हम से इज़्हार-ए-तमन्ना न हुआ

लज़्ज़त-ए-दर्द-ए-मोहब्बत के सबब
हम को मरना भी गवारा न हुआ

ग़म ने वो बज़्म सजाई 'एहसास'
मैं ज़रा देर को तन्हा न हुआ