उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dard ka dard se darman karte

दर्द का दर्द से दरमाँ करते

درد کا درد سے درماں کرتے

शायर: Ehsas Muradabadi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दर्द का दर्द से दरमाँ करते
यूँ इलाज-ए-ग़म-ए-जानाँ करते

हम अगर फ़िक्र-ए-गुलिस्ताँ करते
रोज़ दामन को गरेबाँ करते

घर की वीरानी से फ़ुर्सत न मिली
वर्ना हम सैर-ए-बयाबाँ करते

कितना अर्ज़ां है ग़रीबों का लहू
आप तो रोज़ चराग़ाँ करते

दिल उमँड आया था बैठे बैठे
कैसे अंदाज़ा-ए-तूफ़ाँ करते

दिल का ख़ून आँख तक आ ही जाता
आप कुछ ज़िक्र-ए-गुलिस्ताँ करते

उम्र गुज़री है हमारी 'एहसास'
ख़ातिर-ए-शाम-ए-ग़रीबाँ करते