उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya chiz hai uzr-e-lab-e-izhaar ka saya

क्या चीज़ है उज़्र-ए-लब-ए-इज़हार का साया

کیا چیز ہے عذر لب اظہار کا سایہ

शायर: Qaisar Siddiqi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या चीज़ है उज़्र-ए-लब-ए-इज़हार का साया
इक़रार का साया कभी इंकार का साया

तक़दीर गुलिस्ताँ की बदल देता है वो फूल
पड़ जाता है जिस फूल पे तलवार का साया

दीवार से दीवार की दूरी अरे तौबा
पड़ता नहीं दीवार पे दीवार का साया

एहसास की उँगली से टपकते हैं सितारे
चुभता है मिरे ज़ेहन में जब ख़ार का साया

'क़ैसर' मिरे जज़्बात में नग़्मों की लचक है
है फ़न पे मिरे गेसू-ए-ख़मदार का साया