उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaisa hoga des piya ka kaisa piya ka ganw re

कैसा होगा देस पिया का कैसा पिया का गाँव रे

کیسا ہوگا دیس پیا کا کیسا پیا کا گاؤں رے

शायर: Ghaus Siwani5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कैसा होगा देस पिया का कैसा पिया का गाँव रे
कैसी होगी धूप वहाँ की कैसी वहाँ की छाँव रे

चाँदी जैसे पेड़ वहाँ के हीरे मोती फूल-ओ-फल
सोने की पीली धरती पर रखते होंगे पाँव रे

पी पी पपिहे बोलते होंगे कानों में रस घोलते होंगे
ठुमरी होगी कोयल की कू कजरी कागा की काओं रे

कान्हा होंगे लोग वहाँ के राधा होंगी बालाएँ
प्यार की बंसी बजती होगी हर एक समय हर ठाओं रे

लाज से हाए मर जाऊँगी मैं मिट्टी में गड़ जाऊँगी
जब सखियाँ मुझ को छेड़ेंगी ले कर पी का नाँव रे