उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kahte hain ki yusuf ka KHaridar to lao

कहते हैं कि यूसुफ़ का ख़रीदार तो लाओ

کہتے ہیں کہ یوسف کا خریدار تو لاؤ

शायर: Ehsas Muradabadi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कहते हैं कि यूसुफ़ का ख़रीदार तो लाओ
उस जिंस-ए-गिराँ को सर-ए-बाज़ार तो लाओ

तमसील-ए-जमाल-ए-निगह-ए-यार तो लाओ
मुमकिन हो जवाब-ए-लब-ओ-रुख़्सार तो लाओ

लो नाम न यारो कि बग़ावत है बड़ी शय
तुम पहले ज़रा जुरअत-ए-गुफ़्तार तो लाओ

अब हुस्न में पैदा हैं पज़ीराई के आसार
तुम इश्क़ में कुछ जुरअत-ए-इज़हार तो लाओ

अज़-राह-ए-अक़ीदत उसे आँखों से लगाएँ
तुम कोई हदीस-ए-लब-ओ-रुख़्सार तो लाओ

उस के लिए ज़ंजीर-ए-बहाराँ भी है काफ़ी
गुलशन में कोई ताज़ा गिरफ़्तार तो लाओ

आराम पस-ए-मंज़िल-ए-दुश्वार है 'एहसास'
साया भी मिलेगा कोई दीवार तो लाओ