उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaane wala mujh pe ehsan kar gaya

जाने वाला मुझ पे एहसाँ कर गया

جانے والا مجھ پہ احساں کر گیا

शायर: Saba Nusrat7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जाने वाला मुझ पे एहसाँ कर गया
मेरी आँखों में समुंदर भर गया

उस से बिछड़े इक ज़माना हो गया
ऐसे लगता है अभी उठ कर गया

कैसे भूलूँ वो क़यामत की घड़ी
जब जुदाई से मिरा दिल डर गया

ज़िंदगी के सारे मंज़र बुझ गए
जब मिरी नज़रों से वो मंज़र गया

दिल के बारे में न हम से पूछिए
क्या बताएँ उस में क्या क्या मर गया

भूल जाए दिल उन्हें मुमकिन नहीं
लज़्ज़तें जो प्यार की दे कर गया

मैं तो 'नुसरत' सब्र पर मजबूर हूँ
वक़्त मेरे दिल पे पत्थर धर गया