उर्दू शायरी · ग़ज़ल

har mushkil aasan banane wala tha

हर मुश्किल आसान बनाने वाला था

ہر مشکل آسان بنانے والا تھا

शायर: Iftikhar Falak Kazmi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हर मुश्किल आसान बनाने वाला था
मैं पत्थर के पान बनाने वाला था

ख़्वाबों की तावील समझ से बाहर थी
जब मैं पाकिस्तान बनाने वाला था

हक़ बाहू हक़ बाहू कह कर एक फ़क़ीर
बाहू को सुल्तान बनाने वाला था

मुझ ऐसा बहलोल कहाँ से लाओगे
नार से जो नारान बनाने वाला था

शहज़ादी ने जिस की ख़ातिर ज़हर पिया
इक देहाती नान बनाने वाला था

आप ने मेरा हाथ न थामा होता तो
मैं ख़ुद को शैतान बनाने वाला था

दरवाज़ों की साख बचाने की ख़ातिर
दीवारों के कान बनाने वाला था

आप की इक इक बात ग़ज़ल में ढाल के मैं
आन की आन में तान बनाने वाला था