उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dar-o-diwar KHud-kushi kar len

दर-ओ-दीवार ख़ुद-कुशी कर लें

در و دیوار خودکشی کر لیں

शायर: Iftikhar Falak Kazmi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दर-ओ-दीवार ख़ुद-कुशी कर लें
हम जो नाचार ख़ुद-कुशी कर लें

फिर न कहना मज़ाक़ था प्यारे
वाक़ई यार ख़ुद-कुशी कर लें

काम करना ही शर्त है तो फिर
क्यूँ न इस बार ख़ुद-कुशी कर लें

जिन चराग़ों को मौत का डर है
वो सर-ए-दार ख़ुद-कुशी कर लें

उस से पहले कि सामईं स्वयं
अहम किरदार ख़ुद-कुशी कर लें

जो हैं नादाँ वो ज़िंदगी झेलें
और समझदार ख़ुद-कुशी कर लें

मैं तो कहता हूँ जोश की मानें
सब कलम-कार ख़ुद-कुशी कर लें