उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum alag si ek KHushbu jaante hain

हम अलग सी एक ख़ुशबू जानते हैं

ہم الگ سی ایک خوشبو جانتے ہیں

शायर: Vikas Joshi Wahid6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम अलग सी एक ख़ुशबू जानते हैं
हैं बरहमन और उर्दू जानते हैं

काम चुप रह के किया करते हैं लेकिन
रात के सब राज़ जुगनू जानते हैं

ख़ामुशी से आ गिरे दामन पे अक्सर
दर्द की शिद्दत को आँसू जानते हैं

क्यों महकता है चमन आमद से तेरी
फूल भी क्या तेरी ख़ुशबू जानते हैं

अर्ज़ियाँ कब रोकना है कब बढ़ाना
ये हुनर दफ़्तर के बाबू जानते हैं

मुश्किलों में मुस्कुरा के जीने वाले
फिर यक़ीनन कोई जादू जानते हैं