उर्दू शायरी · ग़ज़ल

girne de gir gai agar dastar

गिरने दे गिर गई अगर दस्तार

گرنے دے گر گئی اگر دستار

शायर: Yasir Shah Rashidi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गिरने दे गिर गई अगर दस्तार
दोनों हाथों से थाम दस्त-ए-यार

जल्द आओ तो मुंतज़िर हैं हम
हो गई देर तो दर-ओ-दीवार

आ गए आप क्या अयादत को
कितने ख़ुश-बख़्त हो गए बीमार

बाल-ओ-पर का उक़ाब क्या करते
कट गए जबकि नाख़ुन-ओ-मिंक़ार