उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ghazab ke taish mein wo shoKH-dida aaya tha

ग़ज़ब के तैश में वो शोख़-दीदा आया था

غضب کے طیش میں وہ شوخ دیدہ آیا تھا

शायर: Pandit Jawahar Nath Saqi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़ज़ब के तैश में वो शोख़-दीदा आया था
ब-शक्ल-ए-क़हर था ख़ंजर-कशीदा आया था

सुलूक-ए-हुस्न-ए-तअ'ल्लुक़ बने ये हंगामा
कि हर तरफ़ से बुरीदा रमीदा आया था

किया था शौक़ ने बेताब दीदा ने मुज़्तर
वो ज़ौक़-ए-लुत्फ़ का लज़्ज़त-चशीदा आया था

वफ़ा-मिसाल सरापा नियाज़ बा-तमकीं
फ़क़ीर पा-ए-ब-दामन-कशीदा आया था

हुआ न क़ुर्ब-ए-तअ'ल्लुक़ का इख़तिसास यहाँ
ये रू-शनास ज़ि-राह-ए-बईदा आया था

दिया न साक़ी-ए-रा'ना ने जाम-ए-कैफ़-ए-मुराद
सला-ए-आम का शोहरा शुनीदा आया था