उर्दू शायरी · ग़ज़ल

fikr-e-ranj-o-alam aur main

फ़िक्र-ए-रंज-ओ-अलम और मैं

فکر رنج و الم اور میں

शायर: Jaleel Arshad Khan Rashid6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फ़िक्र-ए-रंज-ओ-अलम और मैं
हमराही इक ग़म और मैं

तेरी बातें करते हैं
रात दवात क़लम और मैं

तुझ को ढूँडते रहते हैं
मेरी चश्म-ए-नम और मैं

पास है मेरे इंटरनेट
हाथ में जाम-ए-जम और मैं

एक तो तेरी कज-ख़ु्ल्क़ी
फिर दुनिया के सितम और मैं

कब तक साथ जलें 'राशिद'
हिज्र के ये मौसम और मैं