उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein murat si gaDh gain aankhen

दिल में मूरत सी गढ़ गईं आँखें

دل میں مورت سی گڑھ گئیں آنکھیں

शायर: V.C. Ray7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में मूरत सी गढ़ गईं आँखें
आप की मुझ पे पड़ गईं आँखें

'अक्स जो ज़ह्न में था धुँधला सा
दो नगीनों सी जड़ गईं आँखें

मैं ने देखी निगाह ज्यूँ तेरी
झट ज़मीं में ये गड़ गईं आँखें

आज तो दिन हसीन गुज़रेगा
सुब्ह जो तुम से लड़ गईं आँखें

आग भड़की जो उन के लड़ने से
ख़ुद बुझाने को अड़ गईं आँखें

मेरे दिल के हसीन ख़्वाबों को
इक कहानी सा पढ़ गईं आँखें

वक़्त-ए-आख़िर है वो हैं सिरहाने
ये 'नया' मान चढ़ गईं आँखें