उर्दू शायरी · ग़ज़ल

DhunD saya na shajar aage bhi

ढूँड साया न शजर आगे भी

ڈھونڈ سایہ نہ شجر آگے بھی

शायर: Ehteram Islam9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ढूँड साया न शजर आगे भी
तय जो करना है सफ़र आगे भी

यूँही शमशीरों को ललकारेगा
रह गया धड़ पे जो सर आगे भी

दूर तक नाम नहीं साए का
हैं तो पीछे भी शजर आगे भी

क्यूँ सितमगर को सितमगर बोलो
ज़िंदा रहना है अगर आगे भी

रोकता कौन सफ़र किस दिल से
थी मुरादों की डगर आगे भी

दाएरे टूट न पाए वर्ना
जा तो सकती थी नज़र आगे भी

क्या ख़ुशामद से झटकना दामन
काम देगा ये हुनर आगे भी

सौ जन्म ले के जहाँ पहुँचा हूँ
मुझ को जाना है मगर आगे भी

शेर के रूप में देते रहना
'एहतिराम' अपनी ख़बर आगे भी