उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dharti se aakash mila do

धरती से आकाश मिला दो

دھرتی سے آکاش ملا دو

शायर: Nadeem Siddiqui5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

धरती से आकाश मिला दो
मुझ को मेरा आज पता दो

तन तो ख़ुद ही मिट जाएगा
मन पापी है इस को सज़ा दो

मेरा बच्चा ज़िद करता है
बाबा मुझ को सूरज ला दो

मैं ने अपना क़त्ल किया है
सपना है ताबीर बता दो

अपना मातम ख़ुद कर लूँगा
मुझ को मेरी लाश दिखा दो