उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye farq jite hi ji tak gada-o-shah mein hai

ये फ़र्क़ जीते ही जी तक गदा-ओ-शाह में है

یہ فرق جیتے ہی جی تک گدا‌ و شاہ میں ہے

शायर: George Puech Shor4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये फ़र्क़ जीते ही जी तक गदा-ओ-शाह में है
वगर्ना बा'द-ए-फ़ना मुश्त-ए-ख़ाक राह में है

निशाँ मक़ाम का ग़म और न रहनुमा कोई
ग़रज़ कि सख़्त अज़िय्यत अदम की राह में है

गदा ने छोड़ के दुनिया को नक़्द-ए-दीं पाया
भला ये लुत्फ़ कहाँ शह के इज़्ज़-ओ-जाह में है

पसंद-तब्अ नहीं अपनी चार दिन का मिलाप
मज़ा तो ज़ीस्त का ऐ मेरी जाँ निबाह में है