उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tir-o-talwar se nahin hota

तीर-ओ-तलवार से नहीं होता

تیر و تلوار سے نہیں ہوتا

शायर: Mahaveer Uttaranchali5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तीर-ओ-तलवार से नहीं होता
काम हथियार से नहीं होता

घाव भरता है धीरे धीरे ही
कुछ भी रफ़्तार से नहीं होता

खेल में भावना है ज़िंदा तो
फ़र्क़ कुछ हार से नहीं होता

सिर्फ़ नुक़सान होता है यारो
लाभ तकरार से नहीं होता

उस पे कल रोटियाँ लपेटे सब
कुछ भी अख़बार से नहीं होता