उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pyar kahne ki baat hoti hai

प्यार कहने की बात होती है

پیار کہنے کی بات ہوتی ہے

शायर: Saba Shah6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

प्यार कहने की बात होती है
बात ये बे-सबात होती है

दिन अगर मशग़लों में गुज़रे भी
तेरी यादों में रात होती है

रोज़ तू दूर होता जाता है
रोज़ तुझ से ही बात होती है

मो'जिज़ा है तिरी निगाहों का
मौत की रोज़ मात होती है

जिस्म कितना भी चाहे छलनी हो
दर्द-ए-दिल से नजात होती है

ऐ मिरी मौत तू जो साथ रहे
ज़िंदगी मेरे साथ होती है