उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main tumhein phul kahun tum mujhe KHushbu dena

मैं तुम्हें फूल कहूँ तुम मुझे ख़ुश्बू देना

میں تمہیں پھول کہوں تم مجھے خوشبو دینا

शायर: Zafar Sahbai5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं तुम्हें फूल कहूँ तुम मुझे ख़ुश्बू देना
मेरे बाज़ू में ज़रा प्यार से बाज़ू देना

आरज़ू चाँद की है ज़र्फ़ से बढ़ कर लेकिन
तेरी फ़य्याज़ी की तौहीन है जुगनू देना

हर क़दम मुझ को चराग़ों की ज़रूरत होगी
आप तो ज़ाद-ए-सफ़र में मुझे आँसू देना

सब्र ता'मीर की बुनियाद है रब्बा मेरे
मुझ को बिफरे हुए जज़्बात पे क़ाबू देना

अपने आ'माल की तौसीफ़ में मसरूफ़ है वो
अहल-ए-इंसाफ़ ज़रा उस को तराज़ू देना