उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main apne sath koi aisi chaal chal jaun

मैं अपने साथ कोई ऐसी चाल चल जाऊँ

میں اپنے ساتھ کوئی ایسی چال چل جاؤں

शायर: Nadeem Goyai4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं अपने साथ कोई ऐसी चाल चल जाऊँ
हर इक हिसार से बचता हुआ निकल जाऊँ

तमाम सम्त हवाओ बिखेर दो मुझ को
सिमटती रेत हूँ दीवार में न ढल जाऊँ

कुछ ऐसा लोच मिरे दरमियान पैदा कर
हर एक चोट पे इक गेंद सा उछल जाऊँ

किसी के जिस्म में पैवस्त हो न जाऊँ कहीं
मैं क्यूँ न काँच की सब किर्चियाँ निगल जाऊँ