उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya kya hain gile usko bata kyun nahin deta

क्या क्या हैं गिले उस को बता क्यूँ नहीं देता

کیا کیا ہیں گلے اس کو بتا کیوں نہیں دیتا

शायर: Ibn-e-Raza8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या क्या हैं गिले उस को बता क्यूँ नहीं देता
ताज़ीर-ए-ख़ता मुझ को सुना क्यूँ नहीं देता

हैं नावक-ए-दिल-दोज़ मिरे यार के तेवर
इक बार वो सब तीर चला क्यूँ नहीं देता

यक-तरफ़ा मोहब्बत के तज़ब्ज़ुब से तो निकलूँ
इस राज़ से पर्दा वो हटा क्यूँ नहीं देता

लिखता भी है मुझ को सर-ए-क़िरतास-ए-मोहब्बत
मज़्मूम जो लगता हूँ मिटा क्यूँ नहीं देता

इतना ही फ़सुर्दा है अगर हाल पे मेरे
जल्वा कभी अपना वो दिखा क्यूँ नहीं देता

सर-गर्म-ए-सफ़र हूँ मैं तिरे दश्त में कब से
मुझ को मिरी मंज़िल का पता क्यूँ नहीं देता

ख़्वाबीदा-नसीबी भी तो तेरी ही अता है
सोई मिरी तक़दीर जगा क्यूँ नहीं देता

जो ताब-ए-तमाशा ही नहीं उस में 'रज़ा' तू
वो आतिश-ए-फ़ुर्क़त को बुझा क्यूँ नहीं देता