उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kuchh bhi un par asar nahin dekha

कुछ भी उन पर असर नहीं देखा

کچھ بھی ان پر اثر نہیں دیکھا

शायर: A. D. Azhar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कुछ भी उन पर असर नहीं देखा
'इश्क़ सा बे-हुनर नहीं देखा

उन के जोबन को देख ले जिस ने
सर्व को बारवर नहीं देखा

एक बिजली नज़र में कौंद गई
उन को देखा मगर नहीं देखा

जो किसी दूसरे के साथ चले
हम ने वो हम-सफ़र नहीं देखा

ख़ाक छानी जहान की क्या क्या
कोई अहल-ए-नज़र नहीं देखा

हम ने 'अज़हर' को लाख समझाया
फिर भी उस पर असर नहीं देखा