उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHwab o tabir-e-be-nishan main tha

ख़्वाब ओ ताबीर-ए-बे-निशाँ मैं था

خواب و تعبیر بے نشاں میں تھا

शायर: Ejaz Azmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़्वाब ओ ताबीर-ए-बे-निशाँ मैं था
एक रूदाद-ए-राएगाँ मैं था

दो तरफ़ था हुजूम सदियों का
एक लम्हा सा दरमियाँ मैं था

बहते पानी पे जिस की थी बुनियाद
ख़ाम मिट्टी का वो मकाँ मैं था

मैं वहाँ हूँ जहाँ नहीं कोई
कुछ नहीं था जहाँ वहाँ मैं था

सूरत-ए-नुक़्ता-ए-हुबाब 'एजाज़'
महरम-ए-बहर-ए-बेकराँ मैं था