उर्दू शायरी · ग़ज़ल

har taraf tera aaina dekha

हर तरफ़ तेरा आइना देखा

ہر طرف تیرا آئنہ دیکھا

शायर: Iffat Faridi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हर तरफ़ तेरा आइना देखा
हुस्न क़ुदरत का बे-बहा देखा

अपनी आँखों में वो नज़र आया
हम ने जब जब भी आइना देखा

मेरे एहसास में निहाँ है तू
ख़्वाब में तुझ को जा-ब-जा देखा

थक गई हूँ अकेले चल चल कर
दिल हुआ ख़ुश जो क़ाफ़िला देखा

मुंतज़िर हूँ तिरी ज़माने से
इक दिया बन के रास्ता देखा

इश्क़ की इंतिहा पे आ कर मैं
सोचती हूँ कि तुझ में क्या देखा