उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein mere phir KHayal aata hai aaj

दिल में मेरे फिर ख़याल आता है आज

دل میں میرے پھر خیال آتا ہے آج

शायर: Mah Laqa Chanda5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में मेरे फिर ख़याल आता है आज
कोई दिलबर बे-मिसाल आता है आज

क्यूँ पड़ा बेहोश उठ हातिफ़ से अब
है निदा साहब-ए-जमाल आता है आज

संग-ए-रह हूँ एक ठोकर के लिए
तिस पे वो दामन सँभाल आता है आज

मुश्तरी ओ ज़ोहरा बाहम सा'द हैं
इस लिए अबरू हिलाल आता है आज

तुम सिवा 'चंदा' के दिल में या 'अली
किस की 'अज़्मत का जलाल आता है आज