उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ke hathon KHarab ho jaana

दिल के हाथों ख़राब हो जाना

دل کے ہاتھوں خراب ہو جانا

शायर: Balraj Hayat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल के हाथों ख़राब हो जाना
ज़िंदगी कामयाब हो जाना

मुझ से कब ऐसे मो'जिज़े होंगे
ख़ुद ही इज़्ज़त-मआब हो जाना

आज गुल बन ले ज़ख़्म-ए-तन्हाई
फिर कभी आफ़्ताब हो जाना

मैं ने तस्कीन-ए-कर्ब माँगी है
ऐ दुआ मुस्तजाब हो जाना

जब किसी इम्तिहाँ से ख़ौफ़ लगे
तुम मिरे हम-रिकाब हो जाना

ख़्वाब को सच में ढालने की लगन
देखियो ख़ुद न ख़्वाब हो जाना