उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bahut shukriya aur baDi mehrbani meri zindagi mein huzur aap aae

बहुत शुक्रिया और बड़ी मेहरबानी मिरी ज़िंदगी में हुज़ूर आप आए

بہت شکریہ اور بڑی مہربانی مری زندگی میں حضور آپ آئے

शायर: S. H. Bihari4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बहुत शुक्रिया और बड़ी मेहरबानी मिरी ज़िंदगी में हुज़ूर आप आए
क़दम चूम लूँ या कि आँखे बिछा दूँ करूँ क्या ये मेरी समझ में न आए

करूँ पेश तुम को ये नज़राना दिल का कि बन जाए फिर कोई अफ़्साना दिल का
ख़ुदा जाने ऐसी सुहानी घड़ी फिर मिरी ज़िंदगी में पलट के न आए

ख़ुशी तो बहुत है मगर ये भी ग़म है कि ये साथ अपना क़दम-दो-क़दम है
मगर ये मुसाफ़िर दुआ माँगता है ख़ुदा आप से फिर किसी दिन मिलाए

मुझे डर है मुझ में ग़ुरूर आ न जाए लगूँ झूमने मैं सुरूर आ न जाए
कहीं दिल न मेरा ये तारीफ़ सुन कर तुम्हारा बने और मुझे भूल जाए