उर्दू शायरी · ग़ज़ल

azab mein mubtala karega

अज़ाब में मुब्तला करेगा

عذاب میں مبتلا کرے گا

शायर: Parvez Baghi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अज़ाब में मुब्तला करेगा
वो मुझ को तुझ से जुदा करेगा

मैं जानता था किसी बहाने
वो क़ातिलों को रिहा करेगा

हज़ार पाबंदियाँ हों लेकिन
वो मुझ से आ कर मिला करेगा

ये उस का दा'वा था मुल्क में वो
सुकूँ सभों को अता करेगा

घरों से तुम भी निकल के आओ
अकेला 'परवेज़' क्या करेगा