उर्दू शायरी · ग़ज़ल

agar wo chahne ka man banata

अगर वो चाहने का मन बनाता

اگر وہ چاہنے کا من بناتا

शायर: Aakash Atharv6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अगर वो चाहने का मन बनाता
क़सम से मैं उसे दुल्हन बनाता

झटक के ज़ुल्फ़ अंगड़ाई वो लेती
इधर मैं झूमता सावन बनाता

बनाता मैं अगर तस्वीर तेरी
सुराही की तरह गर्दन बनाता

किसी पत्थर को पहले करता मूरत
फिर उस के वास्ते धड़कन बनाता

बना लेता मैं ख़ुद को राम लेकिन
ये दुविधा थी किसे लक्ष्मण बनाता

जहाँ पर हम मोहब्बत बाँट सकते
ख़ुदा ऐसा कोई उपवन बनाता