उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankhon mein numudar hai taswir tumhaari

आँखों में नुमूदार है तस्वीर तुम्हारी

آنکھوں میں نمودار ہے تصویر تمہاری

शायर: Fahd Hameedi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँखों में नुमूदार है तस्वीर तुम्हारी
हर शख़्स को दिखती है ये तासीर तुम्हारी

इल्ज़ाम भी दें किस को कि ये रोज़-ए-अज़ल से
मिलती ही नहीं हम से ये तक़दीर तुम्हारी

बे-रंग सभी ख़्वाब ये करते हैं शिकायत
मूरत हो कभी ज़ेहन में ता'मीर तुम्हारी

औरों का भी होने नहीं देती कभी मुझ को
पाँव से ये लिपटी हुई ज़ंजीर तुम्हारी

रस्ता तिरा तकना भी गवारा नहीं मुझ को
दुश्मन भी नहीं ‘आदत-ए-ताख़ीर तुम्हारी

सब कुछ है तुम्हारा यहाँ कुछ भी नहीं मेरा
ये ख़्वाब तुम्हारा है ये ता'बीर तुम्हारी

चुप-चाप तिरा ख़त मैं लिए दूर यूँ निकला
बारिश जो हुई मिट गई तहरीर तुम्हारी